सीधा-सादा सधा सधा है
इसी जीव का नाम गधा है
इसपर कितना बोझ लदा है
पर रहता खामोश सदा है
ढेंचू ढेंचू कह खुश रहता
नहीं शिकायत में कुछ कहता
काम करो पर नहीं गधे-सा
नाम करो पर नहीं गधे-सा
-शेरजंग गर्ग
[इक्यावन बाल कविताएँ, 2009, आत्माराम एंड संस, दिल्ली]
मैं दुनिया की सब भाषाओं की इज्जत करता हूँ, परन्तु मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं नहीं सह सकता। - विनोबा भावे।
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