भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

सीधा-सादा 

सीधा-सादा  | शेरजंग गर्ग की बाल कविता | A poem by Sherjung Garg

सीधा-सादा सधा सधा है 
इसी जीव का नाम गधा है
इसपर कितना बोझ लदा है 
पर रहता खामोश सदा है 
ढेंचू ढेंचू कह खुश रहता 
नहीं शिकायत में कुछ कहता 
काम करो पर नहीं गधे-सा
नाम करो पर नहीं गधे-सा

-शेरजंग गर्ग 
[इक्यावन बाल कविताएँ, 2009, आत्माराम एंड संस, दिल्ली]

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