सपना सिंह ( सोनश्री ) साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 2
आज भी खड़ी वो...
निराला की कविता, 'तोड़ती पत्थर' को सपना सिंह (सोनश्री) आज के परिवेश में कुछ इस तरह से देखती हैं:
आज भी खड़ी वो...
तोडती पत्थर,
पूरा पढ़ें...
आज भी खड़ी वो...
तोडती पत्थर,