मैथिलीशरण गुप्त | Mathilishran Gupt साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 26
जल, रे दीपक, जल तू
जल, रे दीपक, जल तू।
जिनके आगे अँधियारा है, उनके लिए उजल तू॥
जोता, बोया, लुना जिन्होंने,
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जिनके आगे अँधियारा है, उनके लिए उजल तू॥
जोता, बोया, लुना जिन्होंने,