देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

मैथिलीशरण गुप्त | Mathilishran Gupt साहित्य Hindi Literature Collections

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जल, रे दीपक, जल तू

जल, रे दीपक, जल तू।
जिनके आगे अँधियारा है, उनके लिए उजल तू॥
जोता, बोया, लुना जिन्होंने,
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मैथिलीशरण गुप्त | Mathilishran Gupt का जीवन परिचय (Biography)

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