भाषा देश की एकता का प्रधान साधन है। - (आचार्य) चतुरसेन शास्त्री।

मंजुल भटनागर साहित्य Hindi Literature Collections

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मंजुल भटनागर की कविताएं

इस पृष्ठ पर मंजुल भटनागर की कविताएं संकलित की जा रही हैं। नि:संदेह रचनाएं पठनीय हैं, विश्वास है आप इनका रस्वादन करेंगे।
 
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ओ उन्मुक्त गगन के पाखी

ओ उन्मुक्त गगन के पाखी
मेरे आंगन आ के देख
छत पर बैठ राह निहारूं
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मंजुल भटनागर का जीवन परिचय (Biography)

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