अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

मंजुल भटनागर

मंजुल भटनागर ने यूं तो विभिन्न विधाओं में साहित्य-सृजन किया है लेकिन बाल साहित्य में आपने विशेष योगदान दिया है। आपकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

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