मैं दुनिया की सब भाषाओं की इज्जत करता हूँ, परन्तु मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं नहीं सह सकता। - विनोबा भावे।

मंजुल भटनागर

मंजुल भटनागर ने यूं तो विभिन्न विधाओं में साहित्य-सृजन किया है लेकिन बाल साहित्य में आपने विशेष योगदान दिया है। आपकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

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