मुस्लिम शासन में हिंदी फारसी के साथ-साथ चलती रही पर कंपनी सरकार ने एक ओर फारसी पर हाथ साफ किया तो दूसरी ओर हिंदी पर। - चंद्रबली पांडेय।

लक्ष्मी शंकर वाजपेयी साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 6

लक्ष्मी शंकर वाजपेयी

सैलाब | लघुकथा

पिता की मृत्यु के बाद के सारे कार्य संपन्न हो चुके थे। अब तेरहवीं होनी थी और अगले दिन मुझे नौकरी पर वापस ग्वालियर रवाना हो जाना था.. बस एक ही डर बार बार मुझे ...
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सोनू की बंदूक

सोनू की बंदूक उस तरह की बंदूक नहीं थी जैसी घर घर में बच्चे प्लास्टिक या लोहे की बंदूक से खेलते रहते हैं..। दरअसल सोनू अपनी दोनों हथेलियों को आपस मे गूंथकर द...
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अपील

दुनिया भर की सारी धार्मिक किताबों ने,
एक सामूहिक अपील जारी की है…
कि हम आपकी श्रद्धा और सम्मान के लिए 
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दहशत

सुबह-सुबह जब पढ़ रहा होता हूँ अख़बार
पीठ पर आकर लद जाती है बेटी
और अपने नन्हें-नन्हें हाथों से मेरी गर्दन को लपेट कर
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संकेतों की भाषा

वे चार पांच के समूह में…
बातें करते हैं संकेतों की भाषा में…
देखते बनती है उनके हाथों और उँगलियों के संचालन की मुद्राएं और उनकी गति भी…
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ज़िंदगी मुझको... | ग़ज़ल 

ज़िंदगी मुझको सुन रही हो क्या
तुम यक़ीनन ही ज़िंदगी हो क्या 
क्यों तबाही ये इतनी..ऐ कुदरत 
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लक्ष्मी शंकर वाजपेयी का जीवन परिचय (Biography)

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