मैं दुनिया की सब भाषाओं की इज्जत करता हूँ, परन्तु मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं नहीं सह सकता। - विनोबा भावे।

केदारनाथ सिंह साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 3

केदारनाथ सिंह

कविता क्या है

कविता क्या है
हाथ की तरफ
उठा हुआ हाथ
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मातृभाषा

जैसे चींटियाँ लौटती हैं
बिलों में
कठफोड़वा लौटता है
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दो मिनट का मौन

भाइयो और बहनो
यह दिन डूब रहा है
इस डूबते हुए दिन पर
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केदारनाथ सिंह का जीवन परिचय (Biography)

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