देहात का विरला ही कोई मुसलमान प्रचलित उर्दू भाषा के दस प्रतिशत शब्दों को समझ पाता है। - साँवलिया बिहारीलाल वर्मा।

कविता क्या है

कविता क्या है | Kavita Kya Hai - Kedarnath Singh

कविता क्या है
हाथ की तरफ
उठा हुआ हाथ
देह की तरफ झुकी हुई आत्मा
मृत्यु की तरफ़
घूरती हुई आँखें
क्या है कविता
कोई हमला
हमले के बाद पैरों को खोजते
लहूलुहान जूते
नायक की चुप्पी
विदूषक की चीख़
बालों के गिरने पर
नाई की चिन्ता
एक पत्ता टूटने पर
राष्ट्र का शोक
आख़िर क्या है
क्या है कविता ?
मैंने जब भी सोचा
मुझे रामचन्द्र शुक्ल की मूछें याद आयीं
मूंछों में दबी बारीक-सी हँसी
हँसी के पीछे कविता का राज़
कविता के राज पर
हँसती हुई मूँछें !

--केदारनाथ सिंह

 

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