भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

अजातशत्रु साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 2

अजातशत्रु

जै-जै कार करो

ये भी अच्छे वो भी अच्छे
जै-जै कार करो
डूब सको तो
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कविता ज़िन्दाबाद हमारी कविता ज़िन्दाबाद

कविता ज़िन्दाबाद हमारी कविता ज़िन्दाबाद!
ये बोली तो युग बोला ये गायी तो सबने गाया
इसने ही आजादी का परचम सीमा पर लहराया
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अजातशत्रु का जीवन परिचय (Biography)

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