गिरीश पंकज साहित्य Hindi Literature Collections of Girish Pankaj
कुल रचनाएँ: 4
पल की ख़बर नहीं .. | कहानी
किसने सोचा था उस अंतिम उड़ान के बारे में। और यही जीवन की सच्चाई है। कई बार हम जो कुछ सोचते हैं, वह चाह कर भी पूरा नहीं हो पाता। इसी का नाम तो जीवन है। किसी ?...
पूरा पढ़ें...
सिलेंडर
भयानक महामारी के कारण ऑक्सीजन सिलेंडर की ज़रूरत पड़ रही थी। आपदा को कमाई का ज़बरदस्त अवसर समझ कर उसने निर्धारित दर से तीन-चार गुना अधिक कीमत में सिलेंडर ?...
पूरा पढ़ें...
श्रम का वंदन | जन-गीत
जिस समाज में श्रम का वंदन, केवल वही हमारा है।
आदर हो उन सब लोगों का, जिनने जगत सँवारा है।
होते न मजदूर जगत में, हम सिरजन ना कर पाते।
पूरा पढ़ें...
आदर हो उन सब लोगों का, जिनने जगत सँवारा है।
होते न मजदूर जगत में, हम सिरजन ना कर पाते।
पेड़ पर कविता
उसने पेड़ पर कविता लिखी। लोगों को खूब पसन्द आयी। वह कविता एक प्रतियोगिता में पुरस्कृत भी हुई। कवि का अच्छा-खासा नाम हो गया।
कुछ दिनों के बाद कवि को एक अच...
पूरा पढ़ें...
कुछ दिनों के बाद कवि को एक अच...