हिंदी का काम देश का काम है, समूचे राष्ट्र निर्माण का प्रश्न है। - बाबूराम सक्सेना

पेड़ पर कविता

पेड़ पर कविता | Hindi Short Story by Pankaj Girish

उसने पेड़ पर कविता लिखी। लोगों को खूब पसन्द आयी। वह कविता एक प्रतियोगिता में पुरस्कृत भी हुई। कवि का अच्छा-खासा नाम हो गया।

कुछ दिनों के बाद कवि को एक अच्छा ऑफर मिला। एक कम्पनीवाले उसके आँगन में एक बड़ा-सा गोदाम बनाना चाहते थे। गोदाम बनाने का खर्चा कम्पनी का और हर महीने पन्द्रह हजार रुपये किराया भी दिया जायेगा।

पैतृक जमीन थी। कवि के पास से कुछ जाना ही नहीं था। आना-ही-आना था। सौदा पट गया। कवि मालामाल हो गया। गोदाम बनाने की एवज में कवि को आँगन में लगे दो पुराने नीम के पेड़ कटवाने पड़े, बस।

-गिरीश पंकज

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