नागरी प्रचार देश उन्नति का द्वार है। - गोपाललाल खत्री।

बाबू गुलाबराय | Babu Gulabrai साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 1

बाबू गुलाबराय | Babu Gulabrai

आशापञ्चक

आशा वेलि सुहावनी. शीतल जाको छांहि ।
जिहि प्रिय सुमन सुफलन ते, मधराई अधिकाहिं
आशा दीपक करत नीत, जिहि हिरदे में बास
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बाबू गुलाबराय | Babu Gulabrai का जीवन परिचय (Biography)

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