अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

श्रद्धांजलि हजगैबी-बिहारी | Shradhanjali Hajgaybee-Beeharry साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 4

श्रद्धांजलि हजगैबी-बिहारी | Shradhanjali Hajgaybee-Beeharry

रिसती यादें

दोस्तों के साथ बिताए लम्हों की
याद दिलाते
कई चित्र आज भी
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तेरी हैवानियत

हैवानियत तेरी
भूखी थी इतनी
एक ही दम में
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आम आदमी तो हम भी हैं

नहीं आती हँसी अब हर बात पर
लेकिन ये मत समझना कि मुझे कोई दर्द या ग़म है
बस नहीं आती हँसी अब
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छोटा-सा लड़का

शून्यता में झाँकती, पथराई आँखें, प्रश्नों को सुलझाने में लगी थीं । सन्नाटा इतना कि दिल को कचोट लेती। हल्की-सी गर्म हवा बह रही थी। ऐसे ही बीती थी वो शाम, घर क?...
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श्रद्धांजलि हजगैबी-बिहारी | Shradhanjali Hajgaybee-Beeharry का जीवन परिचय (Biography)

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