श्रद्धांजलि हजगैबी-बिहारी | Shradhanjali Hajgaybee-Beeharry साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 4
आम आदमी तो हम भी हैं
नहीं आती हँसी अब हर बात पर
लेकिन ये मत समझना कि मुझे कोई दर्द या ग़म है
बस नहीं आती हँसी अब
पूरा पढ़ें...
लेकिन ये मत समझना कि मुझे कोई दर्द या ग़म है
बस नहीं आती हँसी अब
छोटा-सा लड़का
शून्यता में झाँकती, पथराई आँखें, प्रश्नों को सुलझाने में लगी थीं । सन्नाटा इतना कि दिल को कचोट लेती। हल्की-सी गर्म हवा बह रही थी। ऐसे ही बीती थी वो शाम, घर क?...
पूरा पढ़ें...