आनन्द विश्वास | Anand Vishvas साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 30
मेरे पापा सबसे अच्छे
मेरे पापा सबसे अच्छे,
मेरे संग बन जाते बच्चे।
झटपट वे घोड़ा बन जाते,
पूरा पढ़ें...
मेरे संग बन जाते बच्चे।
झटपट वे घोड़ा बन जाते,
नभ में उड़ने की है मन में
नभ में उड़ने की है मन में,
उड़कर पहुँचूँ नील गगन में।
काश, हमारे दो पर होते,
पूरा पढ़ें...
उड़कर पहुँचूँ नील गगन में।
काश, हमारे दो पर होते,
प्रकृति विनाशक आखिर क्यों है?
बिस्तर गोल हुआ सर्दी का,
अब गर्मी की बारी आई।
आसमान से आग बरसती,
पूरा पढ़ें...
अब गर्मी की बारी आई।
आसमान से आग बरसती,
चलो कहीं पर घूमा जाए | गीत
चलो कहीं पर घूमा जाए,
थोड़ा मन हल्का हो जाए।
सबके, अपने-अपने ग़म हैं,
पूरा पढ़ें...
थोड़ा मन हल्का हो जाए।
सबके, अपने-अपने ग़म हैं,
मेरे जन्म दिवस पर मुझको
मेरे जन्म दिवस पर मुझको, पापा ने उपहार दिया है।
सुन्दर पुस्तक मुझको दी है, पढ़ने वाला प्यार दिया है।
इस पुस्तक में इक बालक ने,
पूरा पढ़ें...
सुन्दर पुस्तक मुझको दी है, पढ़ने वाला प्यार दिया है।
इस पुस्तक में इक बालक ने,