अदम गोंडवी साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 9
अदम गोंडवी की ग़ज़लें
अदम गोंडवी को हिंदी ग़ज़ल में दुष्यन्त कुमार की परंपरा को आगे बढ़ाने वाला शायर माना जाता है। राजनीति, लोकतंत्र और व्यवस्था पर करारा प्रहार करती अदम ?...
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आँख पर पट्टी रहे | ग़ज़ल
आँख पर पट्टी रहे और अक़्ल पर ताला रहे
अपने शाह-ए-वक़्त का यूँ मर्तबा आला रहे
देखने को दे उन्हें अल्लाह कंप्यूटर की आँख
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अपने शाह-ए-वक़्त का यूँ मर्तबा आला रहे
देखने को दे उन्हें अल्लाह कंप्यूटर की आँख
हिन्दू या मुस्लिम के | ग़ज़ल
हिन्दू या मुस्लिम के अहसासात को मत छेड़िए
अपनी कुरसी के लिए जज्बात को मत छेड़िए
हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है
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अपनी कुरसी के लिए जज्बात को मत छेड़िए
हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है
काजू भुने पलेट में | ग़ज़ल
काजू भुने पलेट में, विस्की गिलास में
उतरा है रामराज विधायक निवास में
पक्के समाजवादी हैं, तस्कर हों या डकैत
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उतरा है रामराज विधायक निवास में
पक्के समाजवादी हैं, तस्कर हों या डकैत
घर में ठंडे चूल्हे पर | ग़ज़ल
घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है
बताओ कैसे लिख दूँ धूप फाल्गुन की नशीली है
भटकती है हमारे गाँव में गूँगी भिखारन-सी
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बताओ कैसे लिख दूँ धूप फाल्गुन की नशीली है
भटकती है हमारे गाँव में गूँगी भिखारन-सी
जिस्म क्या है | ग़ज़ल
जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिये
आप भी इस भीड़ में घुस कर तमाशा देखिये
जो बदल सकती है इस पुलिया के मौसम का मिजाज़
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आप भी इस भीड़ में घुस कर तमाशा देखिये
जो बदल सकती है इस पुलिया के मौसम का मिजाज़
जो डलहौज़ी न कर पाया | ग़ज़ल
जो डलहौज़ी न कर पाया वो ये हुक़्क़ाम कर देंगे
कमीशन दो तो हिन्दोस्तान को नीलाम कर देंगे
ये बन्दे-मातरम का गीत गाते हैं सुबह उठकर
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कमीशन दो तो हिन्दोस्तान को नीलाम कर देंगे
ये बन्दे-मातरम का गीत गाते हैं सुबह उठकर
तुम्हारी फ़ाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है | ग़ज़ल
तुम्हारी फ़ाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है
मगर ये आँकड़ें झूठे हैं ये दावा किताबी है
उधर जम्हूरियत का ढोल पीटे जा रहे हैं वो
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मगर ये आँकड़ें झूठे हैं ये दावा किताबी है
उधर जम्हूरियत का ढोल पीटे जा रहे हैं वो
वल्लाह किस जुनूँ के सताए हुए हैं लोग | ग़ज़ल
वल्लाह किस जुनूँ के सताए हुए हैं लोग
हमसाए के लहू में नहाए हुए हैं लोग
ये तिश्नगी गवाह है घायल है इनकी रूह
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हमसाए के लहू में नहाए हुए हैं लोग
ये तिश्नगी गवाह है घायल है इनकी रूह