अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

अभिषेक गुप्ता साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 2

अभिषेक गुप्ता

ज़िन्दगी

अधूरे ख़त
अधूरा प्रेम
अधूरे रिश्ते
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डूब जाता हूँ मैं जिंदगी के

डूब जाता हूँ मैं ज़िंदगी के
उन तमाम अनुभावों में
जब खोलता हूँ अपने जहन की
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अभिषेक गुप्ता का जीवन परिचय (Biography)

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