भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी - अभिषेक गुप्ता | Poem by Abhishek Gupta

अधूरे ख़त
अधूरा प्रेम
अधूरे रिश्ते
अधूरी कविता
अधूरे ख्वाब 
अधूरा इंसान
पूरी ज़िन्दगी

- अभिषेक गुप्ता

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