मैं दुनिया की सब भाषाओं की इज्जत करता हूँ, परन्तु मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं नहीं सह सकता। - विनोबा भावे।

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी - अभिषेक गुप्ता | Poem by Abhishek Gupta

अधूरे ख़त
अधूरा प्रेम
अधूरे रिश्ते
अधूरी कविता
अधूरे ख्वाब 
अधूरा इंसान
पूरी ज़िन्दगी

- अभिषेक गुप्ता

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