नरेंद्र शर्मा साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 5

Author Image

गाँव की धरती

चमकीले पीले रंगों में अब डूब रही होगी धरती,
खेतों खेतों फूली होगी सरसों, हँसती होगी धरती!
पंचमी आज, ढलते जाड़ों की इस ढलती दोपहरी में

पूरा पढ़ें...

जो समर में हो गए अमर

जो समर में हो गए अमर, मैं उनकी याद में
गा रही हूँ आज श्रद्धा-गीत धन्यवाद में
जो समर में हो गए अमर ...

पूरा पढ़ें...

कबीर वाणी

हिन्दुअन की हिन्दुआई देखी
तुरकन की तुरकाई !
सदियों रहे साथ, पर दोनों

पूरा पढ़ें...

ग्राम चित्र

मक्का के पीले आटे-सी
धूप ढल रही साँझ की!
देवालय में शंख बज उठा,

पूरा पढ़ें...

जीवन

घडी-घड़ी गिन, घड़ी देखते काट रहा हूँ जीवन के दिन 
क्या सांसों को ढोते-ढोते ही बीतेंगे जीवन के दिन? 
सोते जगते, स्वप्न देखते रातें तो कट भी जाती हैं, 

पूरा पढ़ें...

नरेंद्र शर्मा का जीवन परिचय