देहात का विरला ही कोई मुसलमान प्रचलित उर्दू भाषा के दस प्रतिशत शब्दों को समझ पाता है। - साँवलिया बिहारीलाल वर्मा।

कवि

रचनाकार: रोहित कुमार 'हैप्पी' (न्यूज़ीलैंड)
रेटिंग: 5/5 (1 मत)

कवि | छोटी कविता | Small Hindi Poem

तुम्हारी कलम में
वो 'पीर' नहीं।
तुमने शब्द गढ़े,
जीये नहीं।
तुम कवि तो हुए
कबीर नहीं!

- रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

 

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