मुस्लिम शासन में हिंदी फारसी के साथ-साथ चलती रही पर कंपनी सरकार ने एक ओर फारसी पर हाथ साफ किया तो दूसरी ओर हिंदी पर। - चंद्रबली पांडेय।

एक से दो

रचनाकार: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र
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एक से दो | हास्य-व्यंग्य कथा

एक काने ने किसी आदमी से यह शर्त बदी कि, "जो मैं तुमसे ज्यादा देखता हूँ तो पचास रूपया जीतूँ।"

और जब शर्त पक्की हो चुकी तो काना बोला कि, "लो, मैं जीता।"

दूसरे ने पूछा, "क्यों?"

इसने जवाब दिया कि, "मैं तुम्हारी दोनों आँखें देखता हूँ और तुम मेरी एक ही।"

 

- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

 

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