शिक्षा के प्रसार के लिए नागरी लिपि का सर्वत्र प्रचार आवश्यक है। - शिवप्रसाद सितारेहिंद।

इस दुनिया के रंग निराले

इस दुनिया के रंग निराले,
मुँह के मीठे, दिल के काले।

यूं तो हर दम हाथ मिलाते,
पीठ पे मारें छुरियाँ भाले।

पत्थर हीरा, हीरा पत्थर,
तेरी आँखों में हैं जाले।

जब भी हाथ मिलाए ज़ालिम,
हाथों में पड़ जाते छाले।

- रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

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