विदेशी भाषा का किसी स्वतंत्र राष्ट्र के राजकाज और शिक्षा की भाषा होना सांस्कृतिक दासता है। - वाल्टर चेनिंग
दविंदर सिंह गिल का जीवन परिचय
दविंदर सिंह गिल एक पंजाबी नाटककार और व्यंग्यकार हैं। अब तक उनकी नाटकों की चार पुस्तकें और व्यंग्य की तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
उनके दो व्यंग्यात्मक उपन्यास — “एल्स इन फंडरलैंड” और “लालची कान प्यासा दुखता” — भी प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी रचनाएँ प्रायः पंजाबी की दो व्यंग्य पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती हैं।

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