मैं दुनिया की सब भाषाओं की इज्जत करता हूँ, परन्तु मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं नहीं सह सकता। - विनोबा भावे।

दविंदर सिंह गिल का जीवन परिचय

दविंदर सिंह गिल

दविंदर सिंह गिल एक पंजाबी नाटककार और व्यंग्यकार हैं। अब तक उनकी नाटकों की चार पुस्तकें और व्यंग्य की तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

उनके दो व्यंग्यात्मक उपन्यास — एल्स इन फंडरलैंड और लालची कान प्यासा दुखताभी प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी रचनाएँ प्रायः पंजाबी की दो व्यंग्य पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती हैं।

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