दविंदर सिंह गिल एक पंजाबी नाटककार और व्यंग्यकार हैं। अब तक उनकी नाटकों की चार पुस्तकें और व्यंग्य की तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
उनके दो व्यंग्यात्मक उपन्यास — “एल्स इन फंडरलैंड” और “लालची कान प्यासा दुखता” — भी प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी रचनाएँ प्रायः पंजाबी की दो व्यंग्य पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती हैं।
