देहात का विरला ही कोई मुसलमान प्रचलित उर्दू भाषा के दस प्रतिशत शब्दों को समझ पाता है। - साँवलिया बिहारीलाल वर्मा।

बेकाम कविता | हास्य कविता

मुझसे एक न पूछा-- 
"आप क्या करते हैं?" 
मैंने कहा--"कविता करता हूँ।" 
"कविता तो ठीक है, 
आप काम क्या करते हैं?" 
मुझे लगा, 
कविता करना कोई काम नहीं है। 
कविता वह करता है, 
जिसको कोई काम नहीं है।

- कुंजबिहारी पांडेय 

 

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