खोजिए

रचनाकार: रोहित कुमार 'हैप्पी' (न्यूज़ीलैंड)

भीड़ है
शब्द हैं,
नगाड़े हैं।
लेकिन, गुम है--
इंसान, ओज और ताल।

खोजिए, मिल जाएं शायद--
भीड़ में इंसान
शब्दों में ओज
और
नगाड़ों में ताल। 

-रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

 

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