वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं। - मैथिलीशरण गुप्त।

अनमोल वचन (विविध)

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Author: अफ़लातून

अनमोल वचन : अफ़लातून की दस सूक्तियाँ

• ज्ञान पाप हो जाता है यदि उद्देश्य शुभ न हो।
• जो अन्याय करता है वह अन्याय सहने वाले की अपेक्षा हमेशा अधिक दुर्दशा में पड़ता है।
• सबसे शानदार विजय है अपने पर विजय प्राप्त करना और सबसे जलील और शर्मनाक बात है अपने से परास्त हो जाना ।
• बुद्धिमान वह है जो अपनी आयु व्यर्थ के कामों में नष्ट न करे ।
• आत्मज्ञान ही शेष समस्त विज्ञानों का विज्ञान है और अपना भी।
• इतिहास की बजाय कविता सत्य के अधिक निकट आती है।
• प्रेम के स्पर्श से हर कोई कवि बन जाता है।
• स्वयं अपने ऊपर विजय प्राप्त करना सबसे बड़ी विजय है।
• कोई सन्त लखपती नहीं था।
• जब तक दार्शनिक लोग शासक नहीं बन जाते, या जब तक शासक लोग दर्शनशास्त्र नहीं पढ़ लेते, तब तक आदमी की मुसीबतों का अन्त नहीं हो सकता।

-अफ़लातून 


विशेष : 'अफ़लातून' युनान के प्रसिद्ध दार्शनिक प्लेटो का अरबी नाम है। वे सुकरात के शिष्य और अरस्तू के गुरु थे।

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