भाषा देश की एकता का प्रधान साधन है। - (आचार्य) चतुरसेन शास्त्री।
इस दुनिया के रंग निराले
इस दुनिया के रंग निराले,
मुँह के मीठे, दिल के काले।
यूं तो हर दम हाथ मिलाते,
पीठ पे मारें छुरियाँ भाले।
पत्थर हीरा, हीरा पत्थर,
तेरी आँखों में हैं जाले।
जब भी हाथ मिलाए ज़ालिम,
हाथों में पड़ जाते छाले।
- रोहित कुमार 'हैप्पी'
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