कथा कहानियां कविताएं | भारत-दर्शन जनवरी-फरवरी 2022
देश तथा जाति का उपकार उसके बालक तभी कर सकते हैं, जब उन्हें उनकी भाषा द्वारा शिक्षा मिली हो। - पं. गिरधर शर्मा।

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जनवरी-फरवरी 2022

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भारत-दर्शन पर पढ़िए, 'गांधी जी का अंतिम दिन'। 

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नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ। नव वर्ष का यह प्रवेशांक आपको सस्नेह भेंट। 

सदैव की भांति इस अंक में भी  'कथा-कहानी' के अंतर्गत कहानियाँलघु-कथाएं व बाल कथाएं। इस अंक के काव्य  में सम्मिलित है - कविताएंदोहेभजनबाल-कविताएंहास्य कविताएं व गज़ल

इस अंक में पढ़िए, शिवरानी देवी प्रेमचंद की कहानी, 'कप्तान ', नागार्जुन की कहानी, 'इनाम', जैनेन्द्र की, 'तत्सत्', देवेन्द्र सत्यार्थी की, 'जन्मभूमि', उषा प्रियंवदा की कहानी, 'वापसी', दिव्या माथुर की कहानी, 'साँप-सीढ़ी' और सुशांत सुप्रिय की कहानी, 'लौटना'। 

लघुकथाओं में पढ़िए, विष्णु प्रभाकर की लघुकथा, 'अंतर दो यात्राओं का', नरेंद्र कोहली की लघुकथा, 'प्रभाव', रांगेय राघव की  लघुकथा, 'बिल और दाना', हरिशंकर परसाई की लघुकथा, 'सुधार', डॉ रामनिवास मानव की लघुकथा, 'जीवन-रेखा', सुनीता त्यागी की, 'परिंदा',  दिलीप कुमार की लघुकथा, 'अब क्या होगा' और रोहित कुमार हैप्पी की लघुकथा, 'पागल'। 

लोक-कथाओं में न्यूज़ीलैंड की लोक-कथा, 'टैटू कैसे शुरू हुए' और शंकर की 'अजगर' पढ़िए। 

व्यंग्य में 'एक गाँव ऐसा भी...' डॉ सुरेश कुमार मिश्रा 'उरतृप्त' का व्यंग्य,  नरेन्द्र कोहली का, 'देशभक्त' और प्रो. राजेश कुमार का ताजा व्यंग्य, 'तेरा न्यू ईयर तो मेरा नया साल' पढ़िए। 

नि:संदेह भारतीय व्रत एवं त्योहार हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। हमारे सभी व्रत-त्योहार कहीं न कहीं पौराणिक पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं और उनका वैज्ञानिक पक्ष भी नकारा नहीं जा सकता। इस अंक में  लोहड़ी और मकर संक्रांति की पौराणिक कथाएँ पढ़िए।  
 
इस बार कविताओं में अमृता प्रीतम की 'साल मुबारक', दुष्यंत की 'जो दीप बुझ गए हैं', केदारनाथ अग्रवाल की कविता 'गए साल की', अलका सिन्हा की 'मैं करती हूँ चुमौना', जयप्रकाश मानस की 'उपस्थिति',  डॉ मृदुल कीर्ति की 'कटी पतंग', राजेश्वर वशिष्ठ की कविता 'एक पगले नास्तिक की प्रार्थना', हलीम आईना की, 'बकरी', डॉ मनीष कुमार मिश्रा की, इस महामारी में', डॉ राणा प्रताप सिंह गन्नौरी 'राणा' की, 'नया वर्ष', ममता मिश्रा की जड़े' और ब्रिटेन के युवा कवि आशीष मिश्रा की, 'हिन्द को सलाम करें, शान के लिये' पढ़ें। 

बाल साहित्य में  शेखचिली का, 'शाही हुक्का' और 'किसका नौकर कौन' अकबर-बीरबल का किस्सा पठनीय है। 

बाल-काव्य  के अंतर्गत बाल कविताओं में त्रिलोक सिंह ठकुरेला की 'चिड़िया' और डॉ राणा प्रताप सिंह गन्नौरी 'राणा' की 'खेल हमारे' सम्मिलित की गई हैं। बाल कविताएं पढ़ने के लिए बाल-काव्य पृष्ठ देखें। बाल कथाएं व बाल कहानियाँ पढ़ने के लिए बाल-कहानी पृष्ठ भी देखें।

इनके अतिरिक्त हास्य काव्य, दोहे, कुंडलियाँ, गीत और ग़ज़लें सम्मिलित की गई हैं। 

गीतों में गोपालदास नीरज, राजगोपाल सिंह, डॉ जगदीश व्योम, डॉ सुधेश, अनिता बरार और विनिता तिवारी के गीत सम्मिलित किए हैं। 

इस बार ग़ज़ल के साथ-साथ हास्य काव्य के अंतर्गत हुल्लड़ मुरादाबादी की एक हज़ल भी प्रकाशित की है। हास्य में हुल्लड़ मुरादाबादी, अल्हड़ बीकानेरी और डॉ रामप्रसाद मिश्र की रचनाएँ पढ़ें। 

अलका सिन्हा की रचना 'मैं करती हूँ चुमौना' की वीडियो प्रस्तुति देखिए।  

'साँप-सीढ़ी' दिव्या माथुर की सशक्त कहानियों में से एक है। दूरदर्शन साँप-सीढ़ी पर टेलीफिल्म बना चुका है। 

लोहड़ी और मकर संक्रांति पर विशेष-सामग्री पढ़िए। 

भारत-दर्शन का सम्पूर्ण अंक पढ़ें।  


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