माना, गले से सबको
माना गले से सबको लगाता है आदमी - प्राण शर्मा की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Pran Sharma from UK.
कविता पढ़ेंमाना गले से सबको लगाता है आदमी - प्राण शर्मा की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Pran Sharma from UK.
कविता पढ़ेंदिन में जो भी प्यारा मंज़र लगता है - प्रगीत कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Prageet Kunwar.
कविता पढ़ेंयूँ तो मिलना-जुलना चलता रहता है - प्रगीत कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Prageet Kunwar.
कविता पढ़ेंसबने बस एक नज़र भर देखा, वक्त कैसे ये गुज़र जाता है - प्रगीत कुँअर की ग़ज़ल
कविता पढ़ें