राष्ट्रभाषा के बिना आजादी बेकार है। - अवनींद्रकुमार विद्यालंकार

Hindi Poems & Poetry - हिंदी कविता संकलन


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  1. मेरा दिल वह दिल है | ग़ज़ल

    चुप क्यों न रहूँ - त्रिलोचन की ग़ज़ल। मेरा दिल वह दिल है कि हारा नहीं है/कहीं तिनके का भी सहारा नहीं है/जो मोजों को देखा तो जी हो न माना/यह मालूम था य…

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