किस्से नहीं हैं ये किसी | ग़ज़ल
किस्से नहीं हैं ये किसी - ज़हीर कुरेशी की ग़ज़ल। Ghazal by Zaheer Qureshi.
कविता पढ़ेंकिस्से नहीं हैं ये किसी - ज़हीर कुरेशी की ग़ज़ल। Ghazal by Zaheer Qureshi.
कविता पढ़ेंदुनिया के दिखावे में - ज़फ़रुद्दीन ज़फ़र की ग़ज़ल। Ghazal by Zafaruddin Zafar.
कविता पढ़ेंलोगों का मशवरा है - ज़फ़रुद्दीन ज़फ़र की ग़ज़ल। Ghazal by Zafaruddin Zafar.
कविता पढ़ेंज़ख्म को भरने का दस्तूर होना चाहिए/वसुधैव-कुटुंबकम् मशहूर होना चाहिए - ज़फ़रुद्दीन ज़फ़र की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Zafaruddin Zafar.
कविता पढ़ेंटूट कर बिखरे हुए इंसान कहां जाएंगे - ज़फ़रुद्दीन ज़फ़र की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Zafaruddin Zafar.
कविता पढ़ेंज़िन्दगी को औरों की ख़ातिर बना दिया - ज़फ़रुद्दीन ज़फ़र की ग़ज़ल | Hindi Ghazal by Zafaruddin Zafar
कविता पढ़ेंशेर होकर भी भेड़िए के हवाले हुए हैं - ज़फ़रुद्दीन ज़फ़र की ग़ज़ल। Ghazal by Zafaruddin Zafar.
कविता पढ़ेंशहरों में बस्तियां आबाद कितनी हैं - ज़फ़रुद्दीन ज़फ़र की ग़ज़ल। Ghazal by Zafaruddin Zafar.
कविता पढ़ेंज़हन में गर्द जमी है मलिए भी तो सही - ज़फ़रुद्दीन ज़फ़र की ग़ज़ल। Ghazal by Zafaruddin Zafar.
कविता पढ़ेंजो पाया नहीं है उसकी भरपाई करनी है - ज़फ़रुद्दीन ज़फ़र की ग़ज़ल। Ghazal by Zafruddin Zafar.
कविता पढ़ेंगठरी में ज़रूरत का ही सामान रखियेगा - ज़फ़रुद्दीन ज़फ़र. Ghazal by Zafruddin Zafar
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