मैं दुनिया की सब भाषाओं की इज्जत करता हूँ, परन्तु मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं नहीं सह सकता। - विनोबा भावे।

वृंदावनलाल वर्मा साहित्य Hindi Literature Collections

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वृंदावनलाल वर्मा

मेंढ़की का ब्याह

उन जिलों में त्राहि-त्राहि मच रही थी। आषाढ़ चला गया, सावन निकलने को हुआ, परन्तु पानी की बूंद नहीं। आकाश में बादल कभी-कभी छिटपुट होकर इधर-उधर बह जाते। आशा थी...
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वृंदावनलाल वर्मा का जीवन परिचय (Biography)

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