विनोदशंकर व्यास साहित्य Hindi Literature Collections
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विधाता
चीनी के खिलौने, पैसे में दो; खेल लो, खिला लो, टूट जाए तो खा लो--पैसे में दो।
सुरीली आवाज में यह कहता हुआ खिलौनेवाला एक छोटी-सी घंटी बजा रहा था।
उसको आवाज सुनते ...
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सुरीली आवाज में यह कहता हुआ खिलौनेवाला एक छोटी-सी घंटी बजा रहा था।
उसको आवाज सुनते ...