मुस्लिम शासन में हिंदी फारसी के साथ-साथ चलती रही पर कंपनी सरकार ने एक ओर फारसी पर हाथ साफ किया तो दूसरी ओर हिंदी पर। - चंद्रबली पांडेय।

विजय कुमार सिंह | ऑस्ट्रेलिया साहित्य Hindi Literature Collections

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विजय कुमार सिंह | ऑस्ट्रेलिया

इक अनजाने देश में

इक अनजाने देश में जब भी, मैं चुप हो रह जाता हूँ,
अपना मन उल्लास से भरने, देश तुझे ही गाता हूँ|
शुभ्र हिमालय सर हो मेरा,
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आ जा सुर में सुर मिला

आ जा सुर में सुर मिला ले, यह मेरा ही गीत है,
एक मन एक प्राण बन जा, तू मेरा मनमीत है।
सुर में सुर मिल जाए इतना, सुर अकेला न रहे,
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विजय कुमार सिंह | ऑस्ट्रेलिया का जीवन परिचय (Biography)

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