यह कैसे संभव हो सकता है कि अंग्रेजी भाषा समस्त भारत की मातृभाषा के समान हो जाये? - चंद्रशेखर मिश्र।

श्रवण राही साहित्य Hindi Literature Collections

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श्रवण राही

हिचकियाँ कह गईं... 

पीर के गीत तो अनकहे रह गए 
पर कथन की कथा हिचकियाँ कह गईं। 
आँसुओं का ज़हर वक्त ने पी लिया
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श्रवण राही का जीवन परिचय (Biography)

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