श्रवण राही साहित्य Hindi Literature Collections
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हिचकियाँ कह गईं...
पीर के गीत तो अनकहे रह गए
पर कथन की कथा हिचकियाँ कह गईं।
आँसुओं का ज़हर वक्त ने पी लिया
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पर कथन की कथा हिचकियाँ कह गईं।
आँसुओं का ज़हर वक्त ने पी लिया