भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

शिवनारायण जौहरी विमल साहित्य Hindi Literature Collections

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शिवनारायण जौहरी विमल

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दुबले पतंगी कागज़ का
उड़ता हुआ टुकड़ा नहीं
प्रसूती मन की
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युद्ध जारी है | कविता

युद्ध जारी है
सत्य का झूठ से
प्रकाश का अन्धकार से
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शिवनारायण जौहरी विमल का जीवन परिचय (Biography)

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