भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

शरतचंद्र चट्टोपाध्याय साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 3

शरतचंद्र चट्टोपाध्याय

विलासी

पक्का दो कोस रास्ता पैदल चलकर स्कूल में पढ़ने जाया करता हूँ। मैं अकेला नहीं हूँ, दस-बारह जने हैं। जिनके घर देहात में हैं, उनके लड़कों को अस्सी प्रतिशत इसी ?...
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बालकों का चोर

उन दिनों चारों ओर यह खबर फैल गई कि रूपनारायण-नद के ऊपर रेल का पुल बनेगा, परंतु पुल का काम रुका पड़ा है, इसका कारण यह है कि पुल की देवी तीन बच्चों की बलि चाहती ?...
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अनुपमा का प्रेम

ग्यारह वर्ष की आयु से ही अनुपमा उपन्यास पढ़-पढ़कर मष्तिष्क को एकदम बिगाड़ बैठी थी। वह समझती थी, मनुष्य के हृदय में जितना प्रेम, जितनी माधुरी, जितनी शोभा, ज?...
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शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का जीवन परिचय (Biography)

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