यह कैसे संभव हो सकता है कि अंग्रेजी भाषा समस्त भारत की मातृभाषा के समान हो जाये? - चंद्रशेखर मिश्र।

सपना मांगलिक साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 2

सपना मांगलिक

राधा प्रेम

मोर मुकट पीताम्बर पहने,जबसे घनश्याम दिखा
साँसों के मनके राधा ने, बस कान्हा नाम लिखा
राधा से जब पूँछी सखियाँ, कान्हा क्यों न आता
पूरा पढ़ें...

जैसा राम वैसी सीता | कहानी

आज फिर स्कूल जाते वक्त बिन्दिया दिखाई पड गयी । ना जाने क्यों यह विन्दिया जब तब मेरे सामने आ ही जाती है । शायद 'लॉ ऑफ़ रिवर्स इफेक्ट' मनुष्यों पर कुछ ज्यादा ?...
पूरा पढ़ें...
सपना मांगलिक का जीवन परिचय (Biography)

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।