संत दादू दयाल | Sant Dadu Dayal साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 2
संत दादू दयाल के पद
पूजे पाहन पानी
दादू दुनिया दीवानी, पूजे पाहन पानी।गढ़ मूरत मंदिर में थापी, निव निव करत सलामी।चन्दन फूल अछत सिव ऊपर बकरा भेट भवानी।छप्पन भोग लगे ठाकुर को ?...
पूरा पढ़ें...
दादू दुनिया दीवानी, पूजे पाहन पानी।गढ़ मूरत मंदिर में थापी, निव निव करत सलामी।चन्दन फूल अछत सिव ऊपर बकरा भेट भवानी।छप्पन भोग लगे ठाकुर को ?...
दादू दयाल की वाणी
इसक अलाह की जाति है, इसक अलाह का अंग।
इसक अलाह औजूद है, इसक अलाह का रंग।।
घीव दूध में रमि रह्या सबही ठौर।
पूरा पढ़ें...
इसक अलाह औजूद है, इसक अलाह का रंग।।
घीव दूध में रमि रह्या सबही ठौर।