अकबर से लेकर औरंगजेब तक मुगलों ने जिस देशभाषा का स्वागत किया वह ब्रजभाषा थी, न कि उर्दू। -रामचंद्र शुक्ल

राहत इंदौरी साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 1

राहत इंदौरी

झूठों ने झूठों से

झूठों ने झूठों से कहा है सच बोलो
सरकारी ऐलान हुआ है सच बोलो
घर के अंदर झूठों की एक मंडी है
पूरा पढ़ें...
राहत इंदौरी का जीवन परिचय (Biography)

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।