अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

नरेन्द्र कोहली साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 2

नरेन्द्र कोहली

मजबूरी और कमजोरी

मैं रामलुभाया के घर पहुँचा तो देख कर चकित रह गया कि वह बोतल खोल कर बैठा हुआ था।
"यह क्या रामलुभाया !'' मैंने कहा, "तुम तो मदिरा के बहुत विरोधी थे।'"
"विरोधी तो अ?...
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देशभक्त | व्यंग्य

रामलुभाया बहुत जल्दी में था। मैं उसे पुकारता रहा और वह मुझ से भागता रहा। अंततः मैंने दौड़ कर उस को पकड़ ही लिया।
‘‘क्या बात है रामलुभाया ?’’
‘‘वह अप...
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नरेन्द्र कोहली का जीवन परिचय (Biography)

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