अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

मृदुला गर्ग | Mridula Garg साहित्य Hindi Literature Collections

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मृदुला गर्ग  | Mridula Garg

यहाँ क्षण मिलता है

हम सताए, खीजे, उकताए, गड्ढों-खड्ढों, गंदे परनालों से बचते, दिल्ली की सड़क पर नीचे ज़्यादा, ऊपर कम देखते चले जा रहे थे, हर दिल्लीवासी की तरह, रह-रहकर सोचते कि ह?...
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मृदुला गर्ग | Mridula Garg का जीवन परिचय (Biography)

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