डॉ मृदुल कीर्ति साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 3
कटी पतंग
एक पतंग नीले आकाश में उड़ती हुई,
मेरे कमरे के ठीक सामने
खिड़की से दिखता एक पेड़,
पूरा पढ़ें...
मेरे कमरे के ठीक सामने
खिड़की से दिखता एक पेड़,
गिरमिटिया की पीर
मैं पीड़ा की पर्ण कुटी में
पीर पुराण भरी गाथा हूँ
गिरमिटिया बन सात समंदर
पूरा पढ़ें...
पीर पुराण भरी गाथा हूँ
गिरमिटिया बन सात समंदर
मुझे थाम लेना
महाकाल से भी प्रबल कामनाएं,
हैं विकराल भीषण अहम् की हवाएं,
ये पर्वत हिमानी हैं, ममता के आँचल,
पूरा पढ़ें...
हैं विकराल भीषण अहम् की हवाएं,
ये पर्वत हिमानी हैं, ममता के आँचल,