हरिहर झा | ऑस्ट्रेलिया | Harihar Jha साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 4
कलम गहो हाथों में साथी
कलम गहो हाथों में साथी
शस्त्र हजारों छोड़
तूलिका चले, खुले रहस्य तो
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शस्त्र हजारों छोड़
तूलिका चले, खुले रहस्य तो
मण्डी बनाया विश्व को
लुढ़कता पत्थर शिखर से, क्यों हमें लुढ़का न देगा ।
क्रेन पर ऊँचा चढ़ा कर, चैन उसकी क्यों तोड़ दी
दर्शन बनाया लोभ का , मझधार नैया छोड़ दी
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क्रेन पर ऊँचा चढ़ा कर, चैन उसकी क्यों तोड़ दी
दर्शन बनाया लोभ का , मझधार नैया छोड़ दी