अकबर से लेकर औरंगजेब तक मुगलों ने जिस देशभाषा का स्वागत किया वह ब्रजभाषा थी, न कि उर्दू। -रामचंद्र शुक्ल

हरिओम पंवार साहित्य Hindi Literature Collections

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हरिओम पंवार

घाटी के दिल की धड़कन

काश्मीर जो खुद सूरज के बेटे की रजधानी था
डमरू वाले शिव शंकर की जो घाटी कल्याणी था
काश्मीर जो इस धरती का स्वर्ग बताया जाता था
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हरिओम पंवार का जीवन परिचय (Biography)

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