भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

गोरख पाण्डेय साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 3

गोरख  पाण्डेय

तंत्र

राजा बोला रात है,
रानी बोली रात है,
मंत्री बोला रात है,
पूरा पढ़ें...

सच्चाई

मेहनत से मिलती है
छिपाई जाती है स्वार्थ से
फिर, मेहनत से मिलती है
पूरा पढ़ें...

वे डरते हैं

किस चीज़ से डरते हैं वे
तमाम धन-दौलत
गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज के बावजूद?
पूरा पढ़ें...
गोरख पाण्डेय का जीवन परिचय (Biography)

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।