हिंदी भाषा अपनी अनेक धाराओं के साथ प्रशस्त क्षेत्र में प्रखर गति से प्रकाशित हो रही है। - छविनाथ पांडेय।

दीपा शर्मा | फीजी साहित्य Hindi Literature Collections

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दीपा शर्मा | फीजी

एक दीया मस्तिष्क में जलाएं

आजकल हर समय विचारों के झंझावात चलते रहते हैं
सही गलत का नहीं पता कुछ, बस यह यूं ही बढ़ते रहते हैं 
कभी किसी बात में होता चिंतन किसी ने मनन 
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दीपा शर्मा | फीजी का जीवन परिचय (Biography)

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