विदेशी भाषा के शब्द, उसके भाव तथा दृष्टांत हमारे हृदय पर वह प्रभाव नहीं डाल सकते जो मातृभाषा के चिरपरिचित तथा हृदयग्राही वाक्य। - मन्नन द्विवेदी।

दीपा शर्मा | फीजी साहित्य Hindi Literature Collections

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दीपा शर्मा | फीजी

एक दीया मस्तिष्क में जलाएं

आजकल हर समय विचारों के झंझावात चलते रहते हैं
सही गलत का नहीं पता कुछ, बस यह यूं ही बढ़ते रहते हैं 
कभी किसी बात में होता चिंतन किसी ने मनन 
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दीपा शर्मा | फीजी का जीवन परिचय (Biography)

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