भगवतीचरण वर्मा साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 5
देखो, सोचो, समझो
देखो, सोचो, समझो, सुनो, गुनो औ' जानो
इसको, उसको, सम्भव हो निज को पहचानो
लेकिन अपना चेहरा जैसा है रहने दो,
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इसको, उसको, सम्भव हो निज को पहचानो
लेकिन अपना चेहरा जैसा है रहने दो,
मुगलों ने सल्तनत बख्श दी
हीरोजी को आप नहीं जानते, और यह दुर्भाग्य की बात है। इसका यह अर्थ नहीं कि केवल आपका दुर्भाग्य है, दुर्भाग्य हीरोजी का भी है। कारण, वह बड़ा सीधा-सादा है?...
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हम दीवानों की क्या हस्ती
हम दीवानों की क्या हस्ती,
आज यहाँ कल वहाँ चले,
मस्ती का आलम साथ चला,
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आज यहाँ कल वहाँ चले,
मस्ती का आलम साथ चला,
दोस्त एक भी नहीं जहाँ पर
दोस्त एक भी नहीं जहाँ पर, सौ-सौ दुश्मन जान के,
उस दुनिया में बड़ा कठिन है चलना सीना तान के।
उखड़े-उखड़े आज दिख रहे हैं तुमको जो, यार, हम,
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उस दुनिया में बड़ा कठिन है चलना सीना तान के।
उखड़े-उखड़े आज दिख रहे हैं तुमको जो, यार, हम,
दो पहलू | कहानी
रामेश्वर ने 'लीडर' खोला और रिजल्ट शीट पर उसने अपनी नज़र दौड़ाईं एम. ए. के उत्तीर्ण विद्यार्थियों में उसका नाम छपा था और उसके नाम के आगे लिखा था-फर्स्ट डिवीज...
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