अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ साहित्य Hindi Literature Collections

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अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ

सुनाएँ ग़म की किसे कहानी

सुनाएँ ग़म की किसे कहानी हमें तो अपने सता रहे हैं।
हमेशा सुबहो-शाम दिल पर सितम के खंजर चला रहे हैं।।
न कोई इंग्लिश न कोई जर्मन न कोई रशियन न कोई टर्की।
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कस ली है कमर अब तो

कस ली है कमर अब तो, कुछ करके दिखाएँगे
आज़ाद ही हो लेंगे, या सर ही कटा देंगे।
हटने के नहीं पीछे, डर कर कभी जुल्मों से
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अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ का जीवन परिचय (Biography)

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