अंजुम रहबर साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 1
चेहरे से दिल की बात | ग़ज़ल
चेहरे से दिल की बात छलकती ज़रूर है,
चांदी हो चाहे बर्क चमकती ज़रूर है।
दिल तो कई दिनों से कहीं खो गया मगर,
पूरा पढ़ें...
चांदी हो चाहे बर्क चमकती ज़रूर है।
दिल तो कई दिनों से कहीं खो गया मगर,